Tuesday, March 23, 2021

How to stay positive in any situation in Hindi - अच्छा कैसे सोचें

 हम में से हर कोई चाहते हैं की हम खुद को मजबूत बनाएं और हर नए साल में ढेर सारे वादे खुद से कर डालते हैं पर क्या यह और बेहतर नहीं होगा की हम अपने गुजरने वाले साल को भी मजबूती से जिएं न की मजबूरी में? ऐसे ही बहुत सारे वादे ऐसे होते हैं जो हम खुद से कर तो लेते हैं पर कभी उनको पूरा नहीं कर


पाते क्यूंकि हम अपने मानसिक मजबूती को विकसित ही नही कर पाते।अपने रोजमर्रा की जिंदगी में क्या चल रहा इससे कभी उबर ही नही पाते और वो वादे यूं ही धरे के धरे रह जाते हैं


ये सब चीजें हमारी दिमाग की मजबूती को दर्शाता है की हम किस प्रकार खुद के किए वादों को पूरा करते हैं और खुद को मुश्किल परिस्थितियों के लिए तैयार करते हैं।एक पॉजिटिव डेली रूटीन हमारे मस्तिष्क में प्रतिक्रिया तंत्र में वृद्धि करता है और वह मुश्किलों के समय और विपरीत परिस्थितियों में भी शांत और सकारात्मक रहने लगता है। यह हमें हमारे जीवन में महत्वपूर्ण फैसलों और तर्कसंगत व्यवहार करने के लिए भी प्रोत्साहित करता है और हमे क्षणिक परिस्थियों में स्वभाव के विपरीत कार्य करने से रोकता भी है और हमें परिपक्वता प्रदान कर के हमारे जीवन में स्थिरता और गंभीरता भी लाता है।


यदि आप किसी ऐसी स्थिति में हैं जहां आपको बहुत गुस्सा आ रहा है या आपको रोना आ रहा है तब हमें हमारा मस्तिष्क हमें बेहतर तरीके से स्थिति को संभालने में मदद करता है और हमें यह अहसास होता है कि वाकई इस क्षणिक रूष्टता और बहस के लिए हम अपने असली उद्देश्य यानी जो हमारा लक्ष्य है मन की शांति पाने का हम उसे नहीं भूल सकते ।


यहाँ कुछ सुझाव और ट्रिक्स हैं जो आपकी मदद कर सकते हैं। जैसे



  •  अगर आप शारीरिक रूप से मजबूत होना चाहते हैं तो आपको अपनी मांसपेशियों को मजबूत रखने के लिए व्यायाम भी करना होगा,और ध्यान की सहायता से मानसिक शक्ति का निर्माण करना होगा, 
  • आपको उन आदतों और विश्वासों पर ध्यान देना होगा जिनसे आप पॉजिटिव फील करते हैं।

  • मानसिक शक्ति बढ़ाने के सर्वोत्तम तरीकों में से एक है अपनी ऊर्जा को हमेशा बनाए रखना ,अपने माइंड-सेट को पॉजिटिव रखना

  • अपने माइंडसेट को पॉजिटिव रखने के लिए आप दिन भर की आदतें और गतिविधियों पर नजर रखें

  • इन सब तरीकों से आप अपनी मानसिक शक्ति को मजबूती प्रदान करेंगे जो आपको थका हुआ और अभिभूत महसूस करने ही नहीं देगा

इन तरीकों को भी जरूर आजमाएं



  1. सुबह उठकर सबसे पहले ये करें

सुबह उठकर अपने बिस्तर को ठीक करें।ब आप सुबह में अपने बिस्तर से उठकर और उसे व्यवस्थित करते हैं तो उसी क्षण से आप अपने अंदर पॉजिटिव ऊर्जा को महसूस कर पाएंगे आप यह महसूस कर पाएंगे की सुबह उठते ही आप अपने कार्यों का संपादन बेहतरीन तरीके से कर रहें हैं और यह आपको और अच्छा और दिन पर ऊर्जावान बने रहने के लिए प्रेरित करेगा। और इस तरह से आप अपने सुबह की एक शानदार शुरुआत करेंगे।


ये कहावत जरूर याद रखें कि, "आपके बिस्तर की स्थिति बताती है की आपके मन की स्थिति क्या है"। और मैं समझती हूं इसमें बहुत सच्चाई है। हालांकि आपको ये लग सकता है की ये बहुत ही छोटा कदम है, लेकिन इसके बहुत बड़े बड़े फायदे हैं।


शोध से पता चलता है कि जो लोग अपने बिस्तर को उठने के बाद रोजाना व्यवस्थित करते हैं वे अपने जीवन के साथ अत्यधिक खुश होते हैं, अधिक उत्पादक होते हैं, और उन सभी कार्यों के लिए उनके हृदय में गर्व और उपलब्धि की भावना होती है जो वो दिन भर में करते हैं। यह एक छोटी सी चीज आपके सुबह को एक सकारात्मक शुरुआत देकर आपका दिन बना देती है।और धीरे धीरे आप हर कार्य को पूरी निष्ठा से करने लगते हैं। आपके दिन की इससे बेहतर और कौन सी शुरुआत हो सकती है!


2. खुद को रोजाना अच्छी बातें कहें

नकारात्मक सोच को खारिज करें और खुद से कहें कि आप उन विचारों को कोई अहमियत नहीं देते और उन पर ध्यान न देकर आप उन विचारों को बूस्ट कीजिए जिनसे आप प्रेरित होते हैं। हैं। आप अपने मस्तिष्क में अपना खुद का चीयरलीडर बनकर सबसे पहले खुद को प्रेरित करें उन अच्छे कार्यों के लिए जो आपने आज


अपनी दिनचर्या में किए हैं। आप इस बारे में सोचें कि जब आप अपने जीवन के बारे में बेहतर और मजबूत निर्णय लेंगे तो आपको कितना अच्छा महसूस होगा। यह वह निर्णय हैं जो आपको अपने लक्ष्य की ओर बढ़ते रहेंगे।

अपने मस्तिष्क को व्यस्त रखें नए नए रचनात्मक विचारों को सोचते रहें, नकारात्मक विचार वास्तव में हर समय हमारे आस पास रहते हैं और जैसे ही हम इस पर ध्यान देते हैं ये हमारे दिमाग पर हावी हो जाता है ये बिलकुल उसी तरह से होता है जैसे बीमार शरीर पर अनेक बीमारियां धावा बोल देती हैं, इसलिए हमें अपने मस्तिष्क में स्वच्छ और सकारात्मक विचारों को बढ़ावा देना होगा। जिस प्रकार शरीर की रोग रोधक क्षमता अच्छी होने से बीमारियां दूर रहती हैं और हमारे शरीर में श्वेत रक्त कोशिकाएं हमारी रक्षा कर रही होती है ठीक वैसे ही हमें अपने पॉजिटिव विचारों को मस्तिष्क के लिए श्वेत रक्त कोशिका की तरह इस्तेमाल करना होगा। इन नकारात्मक और दुख भरे विचारों को केवल झूठ समझें ऐसा झूठ जिसकी कोई वास्तविकता है ही नहीं(भले ही आपको इसे ज़ोर से कहना पड़े तो खुद को जोर से कहें कि नही ये सिर्फ मनगढ़ंत बातें हैं और सरासर झूठ है और मैं इन्हे अपने दिमाग पर हावी नहीं होने दूंगी) और उन्हें एक सकारात्मक विचार के साथ बदलें दें।


3. प्रत्येक दिन खुद के बारे में कुछ न कुछ सकारात्मक  अवश्य लिखें


आप
 इसमें उन व्यक्तियों के बारे में लिख सकते हैं या उन क्षणों के बारे में जब आपने कुछ नया जाना या सीखा या कुछ नया देखा यह आपके जीवन में कृतज्ञता की भावना को बढ़ाने में मदद करता है।


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